नरेंद्र गिरी हत्याकांड में सीबीआई को किया जा रहा है गुमराह : धर्मदत्त महाराज

नरेंद्र गिरी हत्याकांड में सीबीआई को किया 

जा रहा है गुमराह : धर्मदत्त महाराज




वाराणसी(राम आसरे)। रथयात्रा स्थित एक रेस्टोरेंट में विश्व गुरु भारत परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष महास्वामी् धर्मदत्त महाराज ने प्रेस वार्ता कर पत्रकारों को बताया। निरंजनी अखाड़े के पूर्व सचिव एवं अखाड़ा परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र गिरी हत्याकांड में सीबीआई घटना का पर्दाफाश करने मे विफल इसलिए है कि साधु संत समाज के कुछ लोग सीबीआई को गुमराह कर रहे हैं। वर्तमान में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष बने निरंजनी अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव रविंद्र पुरी और अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाश चंद्र गिरी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। रविंद्रपुरी बहुत दिनों से नरेंद्र गिरी को निरंजनी अखाड़ा से निष्कासित कर उनकी संपत्ति पर तो कब्जा करना ही चाहते थे। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष भी बनना चाहते थे। धर्मदत्त जी महाराज वाराणसी के एक संत के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया जो अपने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र का धर्मगुरु बताते हैं। नरेंद्र गिरी हत्याकांड के संदिग्ध आरोपी आनंद गिरि कैलाश चंद्र ब्रह्मचारी के ही आश्रम में रहकर रविंद्रपुरी के मिलीभगत से नरेंद्र गिरी हत्या कांड कांड का ताना-बाना बुनते है। इस बात की जांच होनी चाहिए। नरेंद्र गिरी और निरंजन अखाड़े की संपत्ति जो अखाड़े के निजी संपत्ति थी। उसकी बिक्री और उस बिक्री से मिले पैसे को नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए व सरकार से हम मांग करते हैं। सीबीआई जांच निष्पक्ष होना चाहिए।

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