अगर मुसलमान शिक्षा के मामले
में पिछड़े रहेंगे तो वे पूरे देश के
लिए मुसीबत बन जाएंगे।"
अलीगढ़ (राम आसरे)। आरिफ मोहम्मद खान एक कार्यक्रम के दौरान आरिफ मोहम्मद खान ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले सर सैय्यद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "सर सैय्यद ने कहा कि हम (मुस्लिम) अपने पिछड़ेपन के लिए खुद जिम्मेदार हैं, उन्होंने दोष मढ़ने की कोशिश नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुसलमान शिक्षा के मामले में पिछड़े रहेंगे तो वे पूरे देश के लिए मुसीबत बन जाएंगे।" कार्यक्रम के दौरान आरिफ मोहम्मद खान ने यह भी कहा कि इस्लाम में फतवों का इस्तेमाल सियासी हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब वे कांग्रेस में थे तब से ही उनके खिलाफ फतवे जारी किए जा रहे हैं। आरिफ मोहम्मद खान ने इस्लामिक कट्टरपंथियों पर हमला बोलते हुए कहा, "उन्होंने कहा कि वे उन मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जिन्होंने अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा हासिल करने के लिए भेजा।" आरिफ मोहम्मद खान ने दावा किया कि कुरान में कम से कम 200 ऐसे उदाहरण है, जहां यह बताया गया है कि सिर्फ सृष्टि का निर्माण करने वाला ही यह तय कर सकता है कि क्या सही है और क्या गलत. इसका फैसला तब किया जाएगा जब लोग मौत के बाद अपने निर्माता से मिलेंगे। कुरान के मुताबिक, किसी इंसान को, यहां तक कि पैगंबर को भी यह अधिकार नहीं दिया गया है कि वह इसे तय करें। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले सर सैय्यद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "सर सैय्यद ने कहा कि हम (मुस्लिम) अपने पिछड़ेपन के लिए खुद जिम्मेदार हैं, उन्होंने दोष मढ़ने की कोशिश नहीं की।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुसलमान शिक्षा के मामले में पिछड़े रहेंगे तो वे पूरे देश के लिए मुसीबत बन जाएंगे।"

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