धड़ से अलग कर दिए दोनों हाथ...बेरहम का नहीं पसीजा दिल,

धड़ से अलग कर दिए दोनों हाथ...

बेरहम का नहीं पसीजा दिल,


महोबा(राम आसरे)। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में रिश्ते की मर्यादाओं को तार-तार करता एक मामला सामने आया है। सगे साले ने अपने ही जीजा को ट्रेन से धक्का देकर नीचे फेंक दिया। इस हादसे में जीजा के दोनों हाथ कट गए। गंभीर अवस्था में उसे जिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद झांसी मेडिकल के लिए रेफर कर दिया गया, जबकि आरोपी साला मौके से फरार है। पूरा मामला महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के बरीपुरा गांव से जुड़ा है। बताया जाता है कि मऊरानीपुर जनपद के ग्राम टेहरका का रहने वाला भैयालाल अपनी पत्नी को लेने के लिए अपनी ससुराल महोबा के ग्राम बरीपुरा पहुंचा था, लेकिन यहां तो ससुराल पहुंचे दामाद का स्वागत तो दूर बल्कि उसके ऊपर उसके सगे साले मोती ने चोरी का आरोप लगा दिया.
हद तो तब हो गई जब साले ने जीजा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को भी बुला लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे कई घंटे थाने में बैठा रखा और बाद में आपसी राजीनामे पर छोड़ दिया गया, लेकिन फिर भी जीजा-साले के बीच उत्पन्न हुआ विवाद खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि आरोपी साले मोती ने अपनी बहन को भी जीजा के साथ नहीं भेजा। खुद जीजा को दुत्कार कर जाने की धमकी दे दी और दोबारा ससुराल आने पर जान से मारने की धमकी दी गई। यही नहीं साला खुद अपने जीजा को अपने साथ लेकर घर छोड़ने की बात कहकर ट्रेन में बैठ गया। इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में जाते समय साले और जीजा के बीच कहासुनी होने लगी। इसी दौरान साले ने कुलपहाड़ के पास ट्रेन से जीजा को धक्का दे दिया।
रेलवे ट्रेक में गिरते ही जीजा के दोनों हाथ कटकर अलग हो गए। रेलवे ट्रेक में युवक के गिरने की सूचना मिलते ही आरपीएफ पुलिस मौके पर पहुंची और खून से लथपथ भैयालाल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद झांसी मेडिकल के लिए रेफर कर दिया गया। अपनी ही बहन की मांग उजाड़ने के लिए जीजा को मारने की कोशिश कर डाली। जीजा का कसूर सिर्फ इतना था कि पत्नी को लेने गया था और विवाद होने पर उसके ही साले ने उसे अपमानित किया और जान से मारने के लिए चलती ट्रेन से फेंक दिया। अभी भी घायल जीजा भैयालाल की हालत नाजुक बनी हुई है।

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