अपडेट-पुंछ के सुरनकोट में चार आतंकी ढ़ेर, चीन और पाकिस्तान निर्मित हथियार बरामद

अपडेट-पुंछ के सुरनकोट में चार

 आतंकी ढ़ेर, चीन और पाकिस्तान

 निर्मित हथियार बरामद



पुंछ, 18 जुलाई (हि.स.)। ऑपरेशन त्रिनेत्र -2 के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने मंगलवार को जम्मू संभाग के पुंछ जिले के सुरनकोट में चार आतंकवादियों को मार गिराया है। मुठभेड़ स्थल से चीन और पाकिस्तान निर्मित हथियार भी बरामद हुए हैं।

राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर 6 के कमांडर ब्रिगेडियर एमपी सिंह ने पुंछ में संवाददाताओं से कहा कि चार विदेशी आतंकियों के खात्मे ने एक बार फिर क्षेत्र में स्थिरता, समृद्धि और प्रगति बनाए रखने में भारतीय सुरक्षा तंत्र, विशेष रूप से भारतीय सेना के संकल्प को प्रदर्शित किया है। उनके साथ पुंछ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनय शर्मा भी थे।

ब्रिगेडियर सिंह ने कहा कि भारतीय सेना पिछले तीन महीनों से ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगातार अभियान जारी रखे हुए है।

कमांडर ने कहा कि उसी के हिस्से के रूप में रविवार को सिंधरा-बचियांवाली और मैदाना क्षेत्र में अज्ञात व्यक्तियों की आवाजाही के बारे में इनपुट प्राप्त हुआ था। तदनुसार क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई और 17 जुलाई को जिला पुंछ के सुरनकोट तहसील के सिंधरा गांव के पास सशस्त्र आतंकियों की मौजूदगी के बारे में विशेष खुफिया जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह ने क्षेत्र की एक विशिष्ट घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान जवान सिंधरा गांव के पास पहुंचे। इस दौरान गांव के पास जंगल में छुपे चार आतंकियों ने पास आ रहे सैनिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। ब्रिगेडियर ने कहा कि आतंकियों को भागने से रोकने के लिए घेराबंदी को फिर से समायोजित किया गया जबकि ऑपरेशन को बढ़ाने के लिए विशेष बलों को भी शामिल किया गया।

उन्होंने कहा कि आतंकी इलाके, जंगल के पत्तों और खराब मौसम का इस्तेमाल कर घेराबंदी तोड़ने की कोशिश में हमारे सैनिकों पर गोलियां चलाते रहे। उन्होंने कहा कि यह भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों ने दिए गए क्षेत्र में आतंकियों की गोलीबारी का नियंत्रित तरीके से जवाब देने और उन्हें ढेर करने में बेहतर सामरिक कौशल का प्रदर्शन किया।

कमांडर ने कहा कि आतंकियों और सैनिकों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही। हालांकि फंसे हुए आतंकियों को भागने से रोकने के लिए घेरे में मौजूद सैनिक उच्चतम अलर्ट पर रहे।

उन्होंने कहा कि मंगलवार सुबह इलाके की विस्तृत तलाशी ली गई और इसके परिणामस्वरूप बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ, जिसमें आठ मैगजीन और 196 राउंड के साथ चार एके श्रृंखला की राइफलें शामिल थीं। तीन मैगजीन और 24 राउंड के साथ दो 9 मिमी पिस्तौल भी बरामद किए गए।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चार आतंकियों के शव भी पाए गए। उन्होंने कहा कि मैं आतंकियों के पास से मिली चीनी मार्क वाली एके और पाकिस्तान मार्क वाली पिस्तौलें भी सामने लाना चाहता हूं।

उन्होंने कहा कि भीतरी इलाकों में ऐसे भारी हथियारों से लैस आतंकियों की मौजूदगी क्षेत्र को अस्थिर करने के प्रयासों का संकेत है और अगर समय रहते इन्हें निष्क्रिय नहीं किया गया तो ये आतंकी आने वाले दिनों में बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम दे सकते थे।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप लोगों की जान बचाई गई और क्षेत्र में शांति बनाए रखने में योगदान मिला। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों के अथक प्रयासों ने परिणाम देना शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, जेकेपी और अन्य सहयोगी एजेंसियों के साथ शेष आतंकियों को बाहर निकालने के लिए क्षेत्र में ऑपरेशन और नियंत्रण रेखा पर हम नए जोश के साथ अपना अभियान जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सरला और नौशेरा सेक्टर में अस्थिरता फैलाने की एक बड़ी योजना का संकेत भी मिलता है।

कमांडर ने कहा कि अगर मैं इस प्रयास में अवाम द्वारा प्रदान किए गए सहयोग और समर्थन का उल्लेख नहीं करता, जो हमारे राष्ट्र में उनके विश्वास को दर्शाता है तो मैं अन्याय करूंगा।

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