लेदर प्रोडक्ट बनाने का तकनीकी कोर्स करने पर 20 हजार तक की सब्सिडी देगी योगी सरकार

लेदर प्रोडक्ट बनाने का 

तकनीकी कोर्स करने पर 

20 हजार तक की सब्सिडी 

देगी योगी सरकार


नई लेदर व फुटवियर पॉलिसी-2025 में महिलाओं, दिव्यांग व अनुसूचित जाति-जनजाति के प्रशिक्षुओं के लिए प्रोत्साहन का प्रावधान

सामान्य वर्ग में भी तकनीकी कोर्स करने पर फीस का 30 प्रतिशत या अधिकतम 15 हजार रुपए तक की सब्सिडी का मिलेगा लाभ

राष्ट्रीय व राज्य कौशल विकास मिशन के मानकों के अनुरूप संचालित कोर्सेस को करने वाले होंगे इस सब्सिडी के पात्र*

पावर टैरिफ, लॉजिस्टिक्स व रोजगार सृजन समेत विभिन्न केटेगरी में मिलेगी इकाई लगाने वाली संस्थाओं को सब्सिडी, फॉर्च्यून-500 में लिस्टेड कंपनियों के निवेश पर विशेष फोकस

मध्यांचल, पूर्वांचल व बुंदेलखंड में इकाई लगाने वाली कंपनियां व संस्थाएं होंगी पूंजीगत सब्सिडी समेत विभिन्न प्रकार की सहूलियतों की पात्र

लखनऊ (राम आसरे)। उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश व उद्यम प्रदेश बनाकर 1 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ा रही योगी सरकार जल्द ही प्रदेश में नई लेदर व फुटवियर पॉलिसी-2025 लागू करने जा रही है। यह पॉलिसी प्रदेश को भविष्य की जरूरतों के अनुसार एक बड़े हब के तौर पर स्थापित करने व एक्सपोर्ट्स को कई गुना बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो। नई पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और खास बात ये है कि इसमें न केवल औद्योगिक इकाइयां लगाने वालों को विभिन्न प्रकार की सहूलियतें देने का प्रावधान है, बल्कि यूपी में लेदर व फुटवियर उद्योग के लिए तकनीकी शिक्षा प्राप्त दक्ष व कुशल कर्मियों के बड़े व सक्षम वर्कफोर्स के निर्माण का खाका भी तैयार किया गया है।
पॉलिसी के लागू होने पर प्रदेश में लेदर व फुटवियर प्रोडक्ट बनाने का तकनीकी कोर्स करने वाले प्रशिक्षु कोर्स की कुल फीस में से अधिकतम 20 हजार रुपए तक की सब्सिडी के पात्र बन जाएंगे। महिलाओं, दिव्यांगों व अनुसूचित जाति-जनजाति के प्रशिक्षुओं को यह लाभ वरीयता के आधार पर मिल सकेगा। वहीं, सामान्य वर्ग के प्रशिक्षुओं को भी कोर्स फीस का 30 प्रतिशत या अधिकतम 15 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त करने का लाभ मिल सकेगा।
उत्तर प्रदेश लेदर व फुटवियर पॉलिसी-2025 का ड्राफ्ट इस हिसाब से तैयार किया गया है कि इसमें लेदर व फुटवियर इंडस्ट्री की स्थापना, संचालन और उन्नयन का विस्तृत फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। पॉलिसी में लेदर व फुटवियर इंडस्ट्री में भविष्य की जरूरतों के अनुसार दक्ष वर्कफोर्स तैयार करने का खाका भी पेश किया गया है। इसमें मुख्य बात यह है कि लेदर व फुटवियर इंडस्ट्री से जुड़े तकनीकी कोर्सेस को राष्ट्रीय तथा राज्य कौशल विकास मिशन के मानकों के अनुरूप संचालित किए जाने की योजना है। पहले से चल रहे कोर्सेस के अतिरिक्त नए कोर्सेस का निर्माण भी किया जा सकता है। वहीं, प्रशिक्षुओं का अपस्कलिंग प्रोग्राम भी इसका एक हिस्सा है।
नई लेदर व फुटवियर पॉलिसी में विशेष रूप से प्राइवेट लेदर पार्क की प्रदेश में वृहद स्तर पर स्थापना का मार्ग तो प्रशस्त करती ही है, साथ ही योगी सरकार विभिन्न प्रकार की सब्सिडी का लाभ भी डेवलपर्स को देगी। स्टैंड अलोन लेदर व फुटवियर उत्पाद निर्माण व लेदर-फुटवियर मशीनरी निर्माण के संयंत्र संबंधी प्राइवेट पार्क विकसित करने वालों को पश्चिमांचल में स्टांप ड्यूटी व पंजीकरण के अतिरिक्त 25 प्रतिशत भूमि लागत सब्सिडी मिलेगी। वहीं, पूर्वांचल, बुंदेलखंड व मध्यांचल में इस केटेगरी में 35 प्रतिशत तक भूमि लागत सब्सिडी मिलेगी। इसी प्रकार, मेगा एंकर यूनिट्स व क्लस्टर्स के निर्माण में पश्चिमांचल में 75 प्रतिशत जबकि पूर्वांचल, बुंदेलखंड व मध्यांचल में 80 प्रतिशत तक भूमि लागत सब्सिडी मिलेगी। इन केटेगरीज में पूंजिगत सब्सिडी का भी लाभ मिलेगा। वहीं, कौशल विकास व ट्रेनिंग सब्सिडी भी मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहले से एफडीआई व फॉर्च्यून-500 कंपनियों का निवेश आकर्षित करने के लिए नीति प्रभावी है। ऐसे में, नई लेदर व फुटवियर पॉलिसी-2025 का निर्माण भी इस लक्ष्य की ओर योगी सरकार का नया कदम है। पॉलिसी के जरिए फॉर्च्यून ग्लोबल-500 व फॉर्च्यून इंडिया-500 में लिस्टेड कंपनियों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। प्रक्रिया के अंतर्गत, स्टांप ड्यूटी में छूट, पावर टैरिफ सब्सिडी, ट्रांसपोर्ट व लॉजिस्टिक्स सब्सिडी, रोजगार सृजन सब्सिडी, सस्टेनेबेल लेदर, ग्रीन इंडस्ट्री सब्सिडी का लाभ कंपनियों को मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में लेदर व फुटवियर उद्योग में रिसर्च व डेवलपमेंट की दिशा में कार्य करने वाली कंपनियां भी योगी सरकार की ओर से सब्सिडी की पात्र होंगी।

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