9 अगस्त को रांची में जमीयत उलेमा झारखंड के चार महत्वपूर्ण कार्यक्रम

9 अगस्त को रांची में जमीयत 

उलेमा झारखंड के चार महत्वपूर्ण कार्यक्रम




जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव हज़रत मौलाना हकीमुद्दीन कासमी करेंगे विभिन्न कार्यक्रमों को संबोधित

रांची, 4 अगस्त। जमीयत उलेमा झारखंड की ओर से 9 अगस्त को राजधानी रांची में चार महत्वपूर्ण दीनी, तंजीमी और इस्लाही कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव हज़रत मौलाना हकीमुद्दीन कासमी विशेष रूप से शिरकत करेंगे और विभिन्न वर्गों को संबोधित करेंगे। जमीयत उलेमा झारखंड के महासचिव अलहाज शाह उमैर द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, दिन का पहला कार्यक्रम "ट्रेनिंग एंड वर्कशॉप" होगा। यह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक जामिया हुसैनिया, कडरू में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यशाला में जमीयत के आठ मॉडल जिलों के अध्यक्ष, सचिव एवं वर्किंग कमेटी के सदस्य भाग लेंगे। इसके अलावा झारखंड के अन्य सभी जिलों के अध्यक्ष, सचिव एवं वर्किंग कमेटी के सदस्यों की भी उपस्थिति रहेगी। कार्यशाला में संगठन को मजबूत करने, तंजीमी गतिविधियों को प्रभावी बनाने तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा होगी। इसी कार्यशाला के दौरान हज़रत मौलाना हकीमुद्दीन कासमी का मार्गदर्शन एवं विशेष सत्र भी आयोजित होगा।

दूसरा कार्यक्रम प्रोफेशनल्स मीट होगा, जो सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक करबला चौक स्थित जमीयतुल इराकीन बिल्डिंग गुलशन मैरेज हॉल में आयोजित किया जाएगा। इसमें डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, शिक्षक, व्यवसायी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रोफेशनल्स को आमंत्रित किया गया है। तीसरा कार्यक्रम ज़ोहर की नमाज़ के बाद मदीना मस्जिद, हिंदपीढ़ी में आयोजित आम जनसभा होगी, जिसमें मौलाना हकीमुद्दीन कासमी का विशेष संबोधन होगा।

दिन का चौथा कार्यक्रम महिलाओं का दीनी व तर्बियती इज्तिमा होगा, जो शाम 3 बजे होटल शाह रेसिडेंसी रेजेंसी करबला चौक में आयोजित किया जाएगा। इसमें महिलाओं, छात्राओं, शिक्षिकाओं एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़ी महिलाओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

अलहाज शाह उमैर ने राज्यभर के उलेमा, बुद्धिजीवियों, प्रोफेशनल्स, महिलाओं तथा आम लोगों से इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य समाज में दीनी जागरूकता, संगठनात्मक मजबूती, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति चेतना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हज़रत मौलाना हकीमुद्दीन कासमी के विचारों और मार्गदर्शन से समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलेगा।

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