जयंती के अवसर पर नम आंखों से याद किए गए मौलाना आजाद, महंगी शिक्षा ने किया शिक्षा प्रणाली को ध्वस्त, गरीब बच्चे शिक्षा से

जयंती के अवसर पर नम आंखों से याद किए

 गए मौलाना आजाद, महंगी शिक्षा ने किया 

शिक्षा प्रणाली को ध्वस्त, गरीब बच्चे शिक्षा से



  
वंचित- हनीफ
लखनऊ। भारत रत्न, देश के प्रथम शिक्षा मंत्री व स्वतंत्रता संग्राम के नायक स्वर्गीय मौलाना अबुल कलाम आजाद की 129 वीं जयंती के अवसर पर आज ऐशबाग स्थित कार्यालय पर तहरीक फिक्र ए मिल्लत फाउंडेशन उ0 प्र0 के द्वारा गोष्ठी का आयोजन किया गया, गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित संस्था के महासचिव/प्रत्याशी पश्चिम विधानसभा क्षेत्र मो0 हनीफ खान ने देश की आजादी में मौलाना आजाद की कुर्बानियों व शिक्षा मंत्री रहते हुए उनके अतुलनीय योगदान की चर्चा करते हुए उन्हें नम आंखों से याद किया, खान ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ बनाने के लिए आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों की स्थापना उनकी दूरदृष्टि को दर्शाता है, देश सदैव उनका आभारी रहेगा, गोष्ठी में कारी मुजीब फतेहपुरी, चांद फ़राज़ कादरी, मास्टर सोनू व फैसल जौनपुरी ने अपने कलाम पेश किए, व मिमक्री आर्टिस्ट राजेश कुमार ने भी अपनी कला से लोगों का मनोरंजन किया, कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों व कलाकारों को शाल व फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित भी किया गया, अलग-अलग क्षेत्रों से आए सम्मानित लोगों ने मुख्य अतिथि खान को शॉल, पगड़ी, फूलों को गुलदस्ता और गांधी, अंबेडकर, अबुल कलाम आजाद की तस्वीर वाला मोमेंटो भेंट कर उनका भी भव्य स्वागत किया, कार्यक्रम का संचालन संस्था के प्रदेश उपाध्यक्ष/प्रवक्ता कारी जफीर आलम ने किया, गोष्ठी में उपस्थित सभी लोगों ने शिक्षा के प्रति समाज के हर वर्ग को जागरूक करने की शपथ भी ली।
खान ने कहा कि जिस शिक्षा प्रणाली को विकसित करने में मौलाना आजाद ने अपना जीवन लगा दिया आज राजनीतिक दल उसे ध्वस्त करने पर आमादा हैं, जहां एक ओर उच्च स्तरीय शिक्षा को पैसे वालों के लिए आरक्षित कर दिया गया है वहीं गरीब वर्ग का बच्चा जर्जर पड़े सरकारी स्कूलों में निम्न स्तरीय शिक्षा पाने को अभिशप्त है, इसी दोहरी शिक्षा प्रणाली के चलते आज गरीब बच्चों का भविष्य अधर में हैं, उन्होंने कहा कि अपने इन्हीं कर्मो के चलते भाजपा 2022 में नहीं तो 2027 में सत्ता से हट ही जाएगी, किंतु उससे पहले कई राजनीतिक दलों का खात्मा तय है, खान ने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए जो लोग नाबालिग बच्चों का राजनीतिक इस्तेमाल करते हैं, और उन्हें शिक्षा से महरूम कर देते हैं, वही लोग सत्ता मिलते ही उन्हीं कार्यकर्ताओं के आगे कम शिक्षा का सवाल खड़ा कर उनके भविष्य को अंधेरे में ढकेल देते हैं, यदि आज मुस्लिम समाज शिक्षित होता तो आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहा होता, वही जो लोग शिक्षित हैं वे अपने निजी तो हित साधते हैं किंतु आरक्षण की बात नहीं करते, उन्होंने कहा कि मौलाना आजाद के अभूतपूर्व योगदान के बावजूद उनकी जयंती पर सरकारी/राजनीतिक आयोजनों का ना होना दुर्भाग्यपूर्ण है खान ने कहा कि यदि जनता ने आगामी चुनाव में मुझे मौका दिया तो गरीब बच्चों की उच्च शिक्षा व मौलाना आजाद को जयंती पर उचित सम्मान दिलाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेंगे, संस्था के जिला अध्यक्ष मो0 दावर मलिक व नगर अध्यक्ष कमाल नदवी ने गोष्ठी में आए हुए सभी अतिथियों को शाल व टोपी भेंट कर उनका स्वागत किया।

गोष्टी को समाजसेवी अनिल उपाध्याय (अन्ना), हसीन अहमद खान, रश्मि गुप्ता, मौलाना मो0 अम्मार, शायर रफत शायदा सिद्दीकी, दरगाह कमेटी अजमेर के उपाध्यक्ष, सैयद बाबर अशरफ, निधि श्रीवास्तव, कारी अब्दुल हमीद, कारी रमजान, कारी लियाकत, सोफिया खान, अनीस अहमद नदवी आदि ने संबोधित किया।

अब्दुल रहीम

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