सीसीएल अप्रेंटिस मजदूरों ने राजभवन के पास धरना दिया:रखी अपनी मांग

सीसीएल अप्रेंटिस मजदूरों ने राजभवन

 के पास धरना दिया:रखी अपनी मांग 








रांची, अवधेश यादव की रिपोर्ट :आज दिनांक 10,10 .2022 को सीसीएल अप्रेंटिस मजदूरों ने राज भवन के सामने धरना दिया। प्रेस वार्ता कर अध्यक्ष राज किशोर सिंह सचिव सुरेंद्र यादव उपाध्यक्ष विवेक ठाकुर और छोटेलाल राजवर ने यह जानकारी दी है कि

सीसीएल कौशल विकास योजना के तहत कंपनी ने हमें एक वर्ष का अप्रेंटिस प्रशिक्षण दिया।

इस प्रशिक्षण में हम सभी दुर्गम और खतरनाक इलाकों में भी कंपनी हितों में प्रशिक्षण प्राप्त किए और कंपनी के उत्पादन में भी हम सभी के अहम योगदान रहा, मगर कंपनी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद हम सभी को रोजगार से जोड़ने का अभी तक कोई योजना नहीं तैयार किया गया है। हम सभी अप्रेंटिस रोजगार से जोड़ने हेतु प्रबंधन से इस मामले में काफी बार कंपनी मुख्यालय में वार्ता भी किए 3 वर्षों से लगातार रोजगार संबंधी ज्ञापन सौंपा मगर प्रबंधन इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाए हम सभी कंपनी के मुख्यालय से लेकर कोल इंडिया लिमिटेड में हजारों अप्रेंटिस मजदूर के साथ अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रोजगार दिलाने हेतु निवेदन किए फिर भी बात नहीं बनी। मैं आपको कहना चाहता हूं कि कंपनी में श्रम शक्ति की भारी कमी है कंपनी में प्रत्येक वर्ष सैकड़ों लोग सेवानिवृत्त हो रहे हैं। कंपनी में गैर कार्यकारी (टेक्निकल) मजदूरों की कमी है। कंपनी काफी वर्षों से (तकनीकी पदों) पर नियुक्तियां भी प्रकाशित नहीं की है। काफी बार कंपनी पूर्व में भी अप्रेंटिस प्रशिक्षु को प्रशिक्षण देने के बाद कंपनी में रोजगार उपलब्ध कराई है। यहां तक रेलवे भर्ती बोर्ड ने भी रेल अपरेंटिस को रोजगार हेतु विशेष नीति तैयार की है। मगर हम कोल इंडिया अपरेंटिस को रोजगार से दरकिनार क्यों किया जा रहा है।

कंपनी हजारों निजी कंपनियों(आउटसोर्सिंग) से कार्य करवा रही है। हजारों की संख्या में कंपनी ठेकेदार के भी माध्यम से कार्य करवा रही है। मगर हम लोगो को कोई रोजगार नहीं दिया जा रहा है जबकि सीसीएल में श्रमिकों के कमी के कारण कितने कोल ब्लॉक खदानें बंद पड़ी हैं। कई कोल वाशरी भी श्रम शक्ति के वजह से बंद होने के कगार पर हैं।

अप्रेंटिस एक्ट 1961 के सेक्शन ( 22) 1 मे भी हम सभी को रोजगार हेतु साफ तौर पर लिखा हुआ है। मगर कंपनी इस एक्ट पर भी ध्यान आकर्षित नहीं कर रही है। इस एक्ट का भी अवलोकन करें।

हम सभी को तत्काल संविदा अथवा आउटसोर्सिंग कंपनियों पर नियुक्त हेतु काफी बार कंपनी मुख्यालय में गुहार लगा कर परेशान हो गए हैं मगर कोई उचित विकल्प से रोजगार नहीं मिल सका। इस कोरोना महामारी के दौर में कहीं रोजगार नहीं मिल पा रहा है।

आज अधिकांश कंपनी 1 वर्ष का अपरेंटिस प्रशिक्षण देने के बाद उसी कंपनी में रोजगार से युवाओं को जोड़ने का काम कर रही है।

हमारे द्वारा सीसीएल दरभंगा हाउस में साप्ताहिक धरना प्रदर्शन दिनांक 23/ 11 / 2020 से 28/11 /2020 तक किया गया तथा दो दिवसीय धरना प्रदर्शन कोल इंडिया मुख्यालय कोलकाता में 11 / 1 /2021 में किया गया पुनः 22 /2 /2021 से दो दिवसीय धरना प्रदर्शन सीसीएल दरभंगा हाउस रांची में दिया गया । पुनः 15-3 2021 से कोल कोल्ड डिस्पैच रोकने के लिए आंदोलन किया गया। पुनः 1/12/ 2021 को सीसीएल मुख्यालय में अनिश्चित कालिंन धरना प्रदर्शन किया गया लेकिन आज तक हमारे रोजगार के विषय पर कोई पहल नहीं हुई।

हमारी मुख्य मांगे यह है

1. हम अप्रेंटिस को तत्काल संविदा अथवा आउटसोर्सिंग कंपनियों से जल्द रोजगार से जोड़ा जाए।

2. न्यूनतम कौशल लेबर वेज के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

3. कंपनी पॉलिसी के तहत तमाम मजदूर हितों में सुविधाएं हैं। रोजगार के साथ इसे भी पूरा करें।

4. बीसीसीएल के तरह हमारे रोजगार पर ठोस निर्णय लिया जाए।

5. जब तक पूर्व प्रशिक्षुओं के रोजगार सीसीएल में सुनिश्चित ना हो जाए तब तक नई बहाली रद्द की जाए।

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