19 दिसंबर 2023 से दिल्ली में बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ होगा रोजगार आंदोलन

 19 दिसंबर 2023 से दिल्ली में बेरोज़गारी के 

ख़िलाफ़ होगा रोजगार आंदोलन




वाराणसी (राम आसरे)। देश की बात फ़ाउंडेशन द्वारा वाराणसी में आयोजित रोज़गार संसद में नेशनल कोऑर्डिनेशन इंचार्ज, देश की बात फ़ाउंडेशन, कृष्णा यादव ने बताया कि आगामी 19 दिसंबर से देश की बात फ़ाउंडेशन दिल्ली में रोज़गार आंदोलन करने जा रही है। इस रोजगार आंदोलन में देश भर से संगठन एवं उनके सदस्य हिस्सेदारी कर रहें हैं।

देश की बात फ़ाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय रोजगार नीति का ड्राफ़्ट तैयार किया है जिसमें बेरोज़गारी की समस्या के समाधान को लेकर 10M का सुझाव दिया गया है।

राष्ट्रीय रोजगार नीति के 10 एम

1- मिनी टेक्नोलॉजी
2- मिनिमम क्रेडिट सपोर्ट
3- माइंडसेट एंड स्किल ट्रेनिंग
4- मिनी मार्केट
5- मल्टीनेशनल, इंटरस्टेट एंड इंट्रा-स्टेट सप्लाई चैन
6- मैन्युफैक्चरिंग इन स्मॉल, मीडियम एंड लार्ज इंडस्ट्रीज
7- मिनिमम इकनोमिक सपोर्ट एंड जॉब सिक्योरिटी
8- मिनिमम वेज एंड सोशल सिक्योरिटी फॉर वर्कर्स रिस्पेक्टफुल लाइफ
9- एम. एस. पी. (MSP) फॉर क्रॉप्स,
10 -मॉर्डन एंड ट्रेडिशनल सर्विसेज
रोजगार आंदोलन की मांग है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय रोजगार नीति बनाकर संसद में कानून पास करें ताकि देश के प्रत्येक नागरिक के लिए सम्मानजनक रोजगार की गारंटी हो सके।

सर सैय्यद सोसायटी के महासचिव इश्तियाक़ अहमद ने बताया कि आज देश के अंदर एक तरफ बेरोजगारी चरम सीमा पर है और वहीँ दूसरी तरह महंगाई भी चरम सीमा पर है। ऐसे हालात में कैसे एक व्यक्ति अपने बच्चों की शिक्षा स्वास्थ व् भरण पोषण का ध्यान रख पायेगा। सरकार को जल्द से जल्द बेरोजगारी का समाधान निकालना पड़ेगा।

सेंट्रल ऑर्गनायज़र, देश की बात फ़ाउंडेशन नंदिनी यादव ने बताया कि पिछले दिनों में देश में कृषि क़ानून, शिक्षक भर्ती घोटाला, आरआरबी-एनटीपीसी घोटाला, यूपीएसआई भर्ती घोटाला एवं अग्निपथ योजना के विरोध में आंदोलन हुए। इन आंदोलनों में शामिल सभी आंदोलनकारियों ने विश्वास दिलाया है कि वे इस शांतिपूर्ण रोजगार आंदोलन में हिस्सा लेंगे। रोजगार आंदोलन से जुड़ने के लिए जनसंपर्क जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। कॉलेज यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ संवाद किया जाएगा । शहर कस्बे और गांव में छोटी बड़ी बैठकें की जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस आंदोलन से जोड़ा जा सके।

अध्यक्ष, मुंशी प्रेमचंद्र, सरफराज़ अहमद ने रोज़गार संसद की अध्यक्षता की उन्होंने बताया कि देश में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार “राष्ट्रीय रोजगार नीति” बनाकर संसद में कानून पास करें। उसी संदर्भ में आगामी 19 दिसंबर से दिल्ली में रोजगार आंदोलन का आह्वान किया गया है। उन्होंने सभी से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, रोज़गार आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए आगामी 19 दिसंबर को दिल्ली पहुँचने का आह्वान किया।

डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर, देश की बात फ़ाउंडेशन, किरण शर्मा ने रोज़गार संसद का संचालन किया एवं अध्यक्ष, मुंशी प्रेमचंद्र, सरफराज़ अहमद ने अध्यक्षता की। रोज़गार आंदोलन के लिए रोज़गार आंदोलन समिति का गठन किया गया। रोज़गार संसद में प्रोफ़ेसर आरिफ़ अली, ए.के. लाहरी, संयुक्त सचिव, भगत सिंह स्टूडेंट मोर्चा, सिद्धि बिस्मिल, एडवोकेट अब्दुल्ला ख़ालिद, अनुराग सिंह, अब्दुल्ला खान, गोविंद यादव एवं सचिन प्रजापति सभी ने रोज़गार पर अपना-अपना वक्तव्य रखा।

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