तीस लाख की फिरौती न
मिलने पर कुशाग्र हत्या
कानपुर। जनपद के बहुचर्चित कुशाग्र हत्याकांड में कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला अदालत ने ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात और दोस्त शिवा को आजीवन कारावास की सजा दी है। यह मामला अक्टूबर 2023 का है, जब छात्र कुशाग्र का अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया था कि कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचिता वत्स ने अपने प्रेमी प्रभात और उसके दोस्त शिवा के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार, रचिता ने पहले कुशाग्र को बहाने से बुलाया, इसके बाद तीनों ने मिलकर उसका अपहरण किया और फिर हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया। मामले में पर्याप्त सबूत और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए कार्यालयों ने तीस लाख रुपए की फिरौती के लिए लिखे गए पर "अल्लाह हूं अकबर" लिखा था। साथ में यह भी लिखा कि " घबराएं नहीं अल्लाह पर भरोसा रखो"।

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