मनरेगा में बदलाव के विरोध में कांग्रेस ने दिया धरना और रखा उपवास

मनरेगा में बदलाव के विरोध में 

कांग्रेस ने दिया धरना 

और रखा उपवास


खूंटी, 11 जनवरी (हि.स.) महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में किए जा रहे बदलावों के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के निर्देशानुसार रविवार को कांग्रेस पार्टी ने खूंटी में उपवास-धरना का आयोजन किया। यह धरना जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में खूंटी समाहरणालय के पास आयोजित किया गया।

धरना-उपवास कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि मिश्रा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर माल्यार्पण कर की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।

धरना को संबोधित करते हुए रवि मिश्रा ने कहा कि मनरेगा अधिनियम कांग्रेस पार्टी की ऐतिहासिक देन है, जिसके तहत गरीब मजदूरों को साल में 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की मनरेगा विरोधी नीतियों के कारण अब गरीब मजदूर इस योजना का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार सच्चाई को स्वीकार करने के बजाय देश को गुमराह कर रही है।

रवि मिश्रा ने कहा, “कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा गरीबों के लिए मील का पत्थर साबित हुई थी, लेकिन वर्तमान सरकार अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस योजना में बदलाव कर गरीब मजदूरों के अधिकारों को खत्म कर रही है।” उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक केंद्र सरकार बदलाव वापस नहीं लेती, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। जरूरत पड़ने पर पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन को और तेज करेगी।

जिला अध्यक्ष ने बताया कि यह उपवास-धरना आंदोलन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी सभी प्रखंडों, मंडलों एवं पंचायतों में जाकर केंद्र सरकार की गरीब मजदूर विरोधी नीतियों को जनता के सामने उजागर करेंगे।

इस मौके पर पूर्व जिला अध्यक्ष रामकृष्ण चौधरी, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष विलसन तोपनो, महिला जिला अध्यक्ष सुनीता गोप, सांसद प्रतिनिधि विक्रम नाग, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष आमीर हुसैन सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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