सामुदायिक भवन को लेकर
ग्रामीणों ने प्रशासन से की बातचीत
पूर्वी सिंहभूम, 09 फ़रवरी (हि.स.)। परसुडीह थाना क्षेत्र के सरजमदा मौजा में विधायक फंड से प्रस्तावित एक विकास भवन को लेकर उत्पन्न विवाद सोमवार को स्पष्ट हो गया। ग्राम प्रधान लखन मुर्मू के नेतृत्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने परसुडीह थाना प्रभारी से मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा की और अपनी आपत्तियां और शंकाएं रखीं।
ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को बताया कि भवन निर्माण को लेकर न तो ग्रामसभा को पूर्व में कोई जानकारी दी गई और न ही समुचित संवाद स्थापित किया गया।
इसी वजह से क्षेत्र में भ्रम की स्थिति बनी। ग्रामीणों का कहना था कि निर्माणाधीन भवन को ‘प्रजापति भवन’ के नाम से प्रचारित किया जा रहा था, जिससे अन्य समुदायों में असंतोष पैदा हुआ। सरजमदा आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां सभी समुदायों के लोग निवास करते हैं, इसलिए भवन का उपयोग भी सामुदायिक स्तर पर सभी के लिए होना चाहिए।
ग्राम प्रधान लखन मुर्मू ने बताया कि बिना ग्रामसभा की जानकारी के ठेकेदार की ओर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने यह भी कहा कि इसी संदर्भ में थाना प्रभारी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया है।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को जानकारी दी गई कि यह भवन स्थानीय विधायक मंगल कालिंदी के विधायक निधि से बनाया जा रहा है। एसडीएम कार्यालय से जारी नोटिफिकेशन में भी इसे स्पष्ट रूप से ‘सामुदायिक भवन’ के रूप में उल्लेखित किया गया है। थाना प्रभारी के साथ हुई बातचीत में यह बात साफ की गई कि भवन का निर्माण क्षेत्र के सभी समुदायों—आदिवासी सहित अन्य निवासियों के उपयोग के लिए किया जा रहा है और इसे किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रखा जाएगा।

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