पलाश (झारखंड राज्य आजीविका प्रोत्साहन सोसाइटी - जे.एस.एल.पी.एस.), मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, जिला उद्योग केंद्र तथा श्रम विभाग से संबंधित समीक्षात्मक बैठक

पलाश (झारखंड राज्य आजीविका 

प्रोत्साहन सोसाइटी - जे.एस.एल.पी.एस.), 

मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड,

 जिला उद्योग केंद्र तथा श्रम विभाग 

से संबंधित समीक्षात्मक बैठक



जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक

विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित स्वरोजगार, लघु उद्यम, कुटीर उद्योग, कौशल विकास तथा आजीविका संवर्धन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

रांची जिले में मंईया सम्मान से महिला स्वालंबन के तहत महिला समूहों द्वारा मुर्गी पालन के तहत हर माह लाख अंडो का उत्पादन किया जा रहा है

उपायुक्त ने समाहरणालय बी-ब्लॉक एवं सदर अस्पताल परिसर में प्रस्तावित “दीदी आजीविका कैफे” की स्थापना हेतु संभावित स्थलों की प्रगति की समीक्षा की तथा स्थल सत्यापन की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति, लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि तथा क्षेत्रीय समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में पलाश (झारखंड राज्य आजीविका प्रोत्साहन सोसाइटी - जे.एस.एल.पी.एस.), मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, जिला उद्योग केंद्र तथा श्रम विभाग से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक राँची समाहरणालय सभाकक्ष, कमरा संख्या-207, ब्लॉक-ए में संपन्न हुई।

बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित स्वरोजगार, लघु उद्यम, कुटीर उद्योग, कौशल विकास तथा आजीविका संवर्धन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, आगामी रणनीति निर्धारित करना तथा लक्ष्यों की शीघ्र पूर्ति सुनिश्चित करना।

(1) उपायुक्त ने कहा की रांची जिले में लघु एवं कुटीर उद्यमों को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

(2) पालाश (जे.एस.एल.पी.एस.) की समीक्षा करते हुए

जे.एस.एल.पी.एस. के अधिकारियों ने स्व-सहायता समूहों (SHG), ग्रामीण आजीविका मिशन तथा विभिन्न उत्पादन इकाइयों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। जिला दंडाधिकारी ने SHG सदस्यों की संख्या, ऋण वितरण, उत्पाद विपणन तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही, लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने तथा अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने के निर्देश दिए।

(3) मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की समीक्षा:

बोर्ड के नोडल अधिकारी ने मुख्यमंत्री उद्यम योजना, एक जिला एक उत्पाद (ODOP), और कुटीर उद्योग इकाइयों की स्थापना एवं संचालन की जानकारी दी। उपायुक्त ने इकाइयों की स्थापना में आने वाली बाधाओं (जैसे भूमि, बिजली, ऋण स्वीकृति) को चिन्हित करने तथा उन्हें दूर करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा।

(4) जिला उद्योग केंद्र (DIC) की समीक्षा

जिला उद्योग केंद्र प्रबंधक ने MSME रजिस्ट्रेशन, Udyam Registration, सब्सिडी वितरण तथा औद्योगिक पार्क/क्लस्टर विकास की स्थिति बताई।

(5) श्रम विभाग की समीक्षा:

श्रम विभाग के अधिकारियों ने श्रमिकों के कौशल विकास, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने, ESI/EPF पंजीकरण तथा श्रमिक कल्याण योजनाओं की प्रगति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिला दंडाधिकारी ने श्रमिकों के हितों की सुरक्षा तथा कौशल प्रशिक्षण को लघु उद्यमों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

उपायुक्त ने सभी अधिकारियों से कहा कि रांची को उद्यमशील जिले के रूप में स्थापित करने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करें।

समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत महिलाओं एवं वंचित वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों की क्षमता वृद्धि तथा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु संचालित गतिविधियों की प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं अधिकाधिक लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष बल दिया।

उपायुक्त ने फूलो-झानो आशीर्वाद योजना के लाभुकों का अद्यतन विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। विशेष रूप से योजना से बाहर हुए लाभुकों की संख्या तथा उन्हें पुनः योजना से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया। साथ ही स्वयं सहायता समूहों की प्रभावी मैपिंग सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

मंईयां सम्मान योजना

“मंईयां सम्मान से स्वावलंबन की ओर” अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन एवं प्रतिमाह अंडा उत्पादन से संबंधित अद्यतन आंकड़ों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अंडा उत्पादन गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा अधिकाधिक लाभुकों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करने के निर्देश दिए। जानकारी हो की रांची जिले में मंईया सम्मान से महिला स्वालंबन के तहत महिला समूहों द्वारा मुर्गी पालन के तहत हर माह लाख अंडो का उत्पादन किया जा रहा है।

बैठक में जिला उद्योग केंद्र प्रबंधक, जे.एस.एल.पी.एस. (पालाश) के जिला समन्वयक, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के नोडल अधिकारी, श्रम विभाग के जिला श्रम पदाधिकारी एवं विभिन्न डोमेन प्रबंधक, जिले के सभी 18 प्रखंडों के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (BPM) संबंधित सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।

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