पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह का आयोजन

पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति 

सम्मान समारोह का आयोजन


जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मी को स्मृति चिन्ह, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

सेवानिवृत्त सभी शिक्षकों एवं कर्मी को उनकी सेवा समाप्ति के साथ ही उपलब्ध करायें गये सभी पेंशनरी लाभ

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मी को जीवन की नई पारी के लिए दी शुभकामनाएं

अब यह समय स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को समर्पित करने का है - जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री

शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते, वे अपने ज्ञान, संस्कार और मूल्यों के माध्यम से पीढ़ियों तक समाज का मार्गदर्शन करते रहते हैं। इसी भाव के साथ आज समाहरणालय में आयोजित पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मियों को स्मृति चिन्ह, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर भावभीनी विदाई दी।

समारोह में प्रशिक्षु आईएएस (IAS Probationer), सुश्री आस्था शरण, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री वसीम अहमद, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज, स्थापना उपसमाहर्त्ता श्रीमती ज्योति वंदना कुजूर एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों के परिजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त होने वाले सभी शिक्षकों एवं कर्मियों को उनकी सेवा समाप्ति के साथ ही सभी पेंशनरी लाभ उपलब्ध कराए गए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा ने हो।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक शिक्षक का योगदान केवल विद्यालय की चहारदीवारी तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज के चरित्र, संस्कार और भविष्य का निर्माण करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव और सुझाव आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने उनकी सेवा अवधि के दौरान थे। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव प्रशासन द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों के बनाये गये व्हाट्सएप गु्र्रप में साझा करें।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मियों को जीवन की नई पारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब यह समय स्वयं के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को समर्पित करने का है। उन्होंने सभी से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा अपने स्वास्थ्य के लिए निकालने, नियमित व्यायाम करने तथा सक्रिय जीवनशैली अपनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि पेंशन से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर जिला प्रशासन एवं संबंधित कार्यालय द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा।

समारोह के दौरान जिन शिक्षकों एवं कर्मी को सम्मानित किया गया, उनमें

श्री सुनील कुमार झा, सहायक शिक्षक, रा.कृ.म.वि. हेतु, राँची-2

श्री विमलेश कुमार मिश्रा, प्रधानाध्यापक, रा.म.वि. चकला, ओरमाँझी

श्रीमती अनिमा कुजूर, सहायक शिक्षिका, रा.प्रा.वि. टेरो, बेड़ो-1

श्री उमेश कुमार, सहायक शिक्षक, रा.प्रा.वि. कुटियातु, नामकुम

श्री दशरथ चन्द्र उराँव, लिपिक, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, राँची

श्रीमती सिसिलिया मिंज, सहायक शिक्षिका, शांति रानी बड़ा घाघरा, राँची-2

शामिल हैं।

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