जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में प्रथम तिमाही (जून 2026-27) की डीसीसी / डीएलआरसी एवं ऋण जमा अनुपात निगरानी समिति की समीक्षा बैठक संपन्न

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची 

श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में प्रथम 

तिमाही (जून 2026-27) की डीसीसी / 

डीएलआरसी एवं ऋण जमा अनुपात

 निगरानी समिति की समीक्षा बैठक संपन्न



लोन मेला लगाने संबंधी वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी गई तथा इसके शीघ्र आयोजन करने का निर्देश

जिन बैंकों का सीडी रेशियो कम है, वे तुरंत लक्षित प्रयास करें तथा कृषि एवं एमएसएमई क्षेत्र में ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश

विशेष रूप से एमएसईपी (माइक्रो, स्मॉल एंटरप्राइजेज प्रमोशन) से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया

जिन बैंक के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित नही थे उन्हें शो कॉज करने के निर्देश

बैंकों की भूमिका केवल जमा संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राथमिकता क्षेत्रों में पर्याप्त एवं समयबद्ध ऋण प्रवाह सुनिश्चित करना भी उनका महत्वपूर्ण दायित्व है:-जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय ब्लॉक-ए सभागार में वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही (जून) की जिला परामर्शदात्री समिति (डीसीसी), जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) तथा ऋण जमा अनुपात निगरानी समिति की संयुक्त समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में प्रशिक्षु आईएएस सुश्री आस्था शरण, अग्रणी जिला प्रबंधक रांची, श्री प्रकाश उरांव, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि श्री रोशन कुमार जिले के प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधियों, नाबार्ड के DDM श्री नरेंद्र कुमार सभी बैंक प्रबंधक, विभिन्न सरकारी विभागों के पदाधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन, प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण प्रवाह, सरकारी प्रायोजित योजनाओं की प्रगति तथा ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करना था।

बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई:

- वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में जिले का ऋण-जमा अनुपात तथा बैंक-वार प्रदर्शन।

- वार्षिक ऋण योजना (एसीपी) के अंतर्गत कृषि, एमएसएमई, शिक्षा, आवास तथा अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों में लक्ष्य बनाम उपलब्धि।

- किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), समय पर सभी kcc ऋण खातों का फसल बीमा करना,स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) क्रेडिट लिंकेज, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमई), पीएम-स्वनिधि तथा अन्य योजनाओं की प्रगति।

- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में ऋण वितरण तथा किसानों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने की स्थिति।

- प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा अटल पेंशन योजना सहित वित्तीय समावेशन योजनाओं का क्रियान्वयन एवं लंबित दावों का निपटान।

- उन बैंकों का विशेष अवलोकन जिनका ऋण-जमा अनुपात लक्ष्य से कम या नकारात्मक वृद्धि वाला रहा।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बैंकों की भूमिका केवल जमा संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राथमिकता क्षेत्रों में पर्याप्त एवं समयबद्ध ऋण प्रवाह सुनिश्चित करना भी उनका महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि:

- जिन बैंकों का सीडी रेशियो कम है, वे तुरंत लक्षित प्रयास करें तथा कृषि एवं एमएसएमई क्षेत्र में ऋण वितरण बढ़ाएं।

- केसीसी के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र किसानों को आच्छादित किया जाए तथा समय पर ऋण भुगतान के महत्व पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं।

- स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिलाओं के समूहों को पर्याप्त क्रेडिट लिंकेज उपलब्ध कराया जाए।

- सरकारी प्रायोजित योजनाओं के लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए तथा दावा निपटान (क्लेम सेटलमेंट) में किसी भी प्रकार की देरी न हो।

- सभी बैंक नियमित रूप से प्रगति की निगरानी करें तथा अगली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें।

बैठक में लीड बैंक प्रबंधक द्वारा तिमाही प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा बैंक-वार उपलब्धियों एवं कमियों पर विस्तृत चर्चा हुई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों से बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा लक्ष्य हासिल करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाने का आह्वान किया।

बैठक के अंत में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी पदाधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि रांची जिले में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन एवं किसानों-उद्यमियों के सशक्तिकरण के लिए बैंकिंग क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी जरुरी है। उन्होंने सभी से समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से कार्य करने का निर्देश दिया।

उन बैंकों का विशेष अवलोकन जिनका ऋण-जमा अनुपात लक्ष्य से कम या नकारात्मक वृद्धि वाला रहा।

जिले में ऋण की डिमांड कितनी जेनरेट हो रही है, इसकी विस्तृत जानकारी ली गई।

लोन मेला लगाने संबंधी वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी गई तथा इसके शीघ्र आयोजन करने का निर्देश दिया गया।

विशेष रूप से एमएसईपी (माइक्रो, स्मॉल एंटरप्राइजेज प्रमोशन) से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सभी बैंक को निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने जिन बैंको के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित नही थे उन्हें शो कॉज करने के निर्देश LDM को दिया गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त रांची, श्री संजय भगत एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी तथा सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments