रांची जिला में जिला स्तरीय “झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम” का शुभारंभ, ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिलेगा व्यापक सहयोग

रांची जिला में जिला स्तरीय 

“झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम” 

का शुभारंभ, ग्रामीण महिला उद्यमियों 

को मिलेगा व्यापक सहयोग


कार्यक्रम” का शुभारंभ जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया

रांची में केंद्रीय हब एवं पांच स्पोक केंद्र होंगे स्थापित

कार्यक्रम के अंतर्गत महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग, बाजार से जुड़ाव तथा व्यवसाय को औपचारिक रूप देने जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी

इटकी और नगड़ी, एडचेरो गांव की महिलाओं द्वारा निर्मित ‘आदिवा’ राखी का हुआ उद्घाटन

यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्वयं सहायता समूह (SHG) आधारित उद्यमों को सशक्त बनाने तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है:- जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री

रांची जिला में आज जिला स्तरीय “झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम” का शुभारंभ जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर श्री भजंत्री ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्वयं सहायता समूह (SHG) आधारित उद्यमों को सशक्त बनाने तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा, स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन मजबूत होंगे तथा रोजगार की तलाश में होने वाले पलायन को कम करने में भी मदद मिलेगी।

झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) , भारत सरकार द्वारा अनुमोदित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) के सहयोग से IIM Calcutta Innovation Park द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत आगामी तीन वर्षों में 150 महिला-नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों का चयन किया जाएगा। चयनित उद्यमों को व्यवसाय की स्थापना, विस्तार एवं विकास के विभिन्न चरणों में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंतर्गत महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग, बाजार से जुड़ाव तथा व्यवसाय को औपचारिक रूप देने जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित महिला उद्यमों को मजबूत एवं टिकाऊ बनाना तथा उन्हें व्यापक बाजार और बेहतर व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना है।

रांची में केंद्रीय हब एवं पांच स्पोक केंद्र होंगे स्थापित

कार्यक्रम के तहत रांची में एक केंद्रीय हब तथा झारखंड के पांच क्षेत्रों में स्पोक केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यह नेटवर्क ग्रामीण उद्यमियों तक समयबद्ध मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता एवं आवश्यक व्यावसायिक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से महिला उद्यमियों को व्यवसाय से जुड़ी चुनौतियों के समाधान, नए अवसरों की पहचान तथा अपने उद्यम के विस्तार के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध होगा।

इटकी और नगड़ी, एडचेरो गांव की महिलाओं द्वारा निर्मित ‘आदिवा’ राखी का हुआ उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान इटकी और नगड़ी प्रखंड के एडचेरो गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित ‘आदिवा’ ब्रांड की राखी का भी उद्घाटन किया गया। महिलाओं द्वारा तैयार इस उत्पाद को कार्यक्रम में प्रदर्शित किया गया, ।

इस अवसर पर SHG की महिला सदस्यों ने जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजंत्री को कलाई पर राखी बांधकर महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं भाई-बहन के स्नेह का संदेश दिया। स्थानीय महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार से जोड़ने तथा उनके व्यवसाय को विस्तार देने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है।

झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम ग्रामीण महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग, तकनीकी सहायता एवं बाजार से जुड़ाव का एक समग्र मंच प्रदान करेगा। इसके माध्यम से SHG आधारित छोटे उद्यमों को व्यवस्थित एवं टिकाऊ व्यवसाय के रूप में विकसित करने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए आयवर्धन, स्वरोजगार एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन को कम करने में भी कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में SMMU से SPM (Non-Farm) श्री नितीश कुमार सिन्हा, PM श्री तुमुल तरण, रांची DPM श्री अभिषेक चंद, DM (EP) श्री प्रमोद कुमार सहित सभी प्रखंडों के BPM, BPOs, Non-Farm Cadres एवं स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्य उपस्थित रहीं।

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