भारत की गौरवमई ऐतिहासिक उपलब्धि पर विश्व हैरान - इस महायज्ञ में योगदान देने वाले वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, नागरिकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों को सैल्यूट - एड किशन भावनानी

भारत की गौरवमई ऐतिहासिक उपलब्धि पर 

विश्व हैरान - इस महायज्ञ में योगदान देने वाले

 वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, नागरिकों, स्वास्थ्य

 कर्मचारियों को सैल्यूट - एड किशन भावनानी



गोंदिया - भारत के बड़े बुजुर्गों की कहावतें अक्षरतःअक्षर सच साबित होती है।समय बड़ा बलवान रे भैया समय बड़ा बलवान, 16 जनवरी 2021 का वह दिन जब रणनीतिक रोडमैप बनाकर चरणबद्ध तरीके से टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई थी, उसमें दिनांक 21 अक्टूबर 2021 देर शाम तक 100 करोड़ टीकाकरण को पार कर दिया है और उम्मीद की जा रही है कि विज़न दिसंबर 2021 के पूर्व भारत टीकाकरण के अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर लेंगा यह है भारत!!! यह भारत के नागरिकों, विज्ञान, उद्यम और उनकी सामूहिक भावना की विजय!!! साथियों जब यह टीकाकरण अभियान शुरू हुआथा तो हम सभी नागरिकोंने इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया के माध्यम से सुने और पढ़े थे कि यह अभियान सफल नहीं होगा, विशेष पार्टी का टीका है, पहले पीएम खुद टीका लगवाएं, कुछ राजनीतिज्ञों ने टीका लगाने से इनकार किया था, कुछ नागरिकों ने भी टीकाकरण से इनकार किया था, जो हमने ग्राउंड रिपोर्टिंग में देखे थे। वैक्सीन फ्री का मुद्दा उठा,सरकारी व निजी टीकाकरण का मुद्दा, टीकाकरण का शुल्क राज्यों और केंद्र का मुद्दा सहित अनेक चर्चाएं, डिबेट, बयानबाजी से लेकर अंत में पीएम का निर्णय कि टीकाकरण केंद्र सरकार द्वारा सभी नागरिकों को फ्री में लगाया जाएगा, तक की पूरी चर्चाएं प्रिंटवइलेक्ट्रॉनिक मीडिया में हमने देखे। साथियों आज बात अगर हम 100 करोड़ से पार टीकाकरण की करें तो भारत ने आज ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है, आज भारतवैक्सीन का बाहुबली देश बन गया है। 100 करोड़ वैक्सीनेशन का दम-दूर हो गया है सभी का भ्रम!! साथियों जिनको भी भ्रम की स्थिति होगी कम से कम आज दूर हो गई होगी। साथियों बात अगर हम भारत की इस गौरवमई ऐतिहासिक उपलब्धि पर वैश्विक बधाईयों की करें तो,,विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ने पीएम को वैज्ञानिकों,स्वास्थ्य कर्मियों और भारतके नागरिकों को कोविड-19 रोधी टीकों के समतामूलक वितरण के लिए बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया कि भारत के लोगों को कोविड-19 से संवेदनशील आबादी की रक्षा करने और लोगों को समतामूलक वितरण केलक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रयासों के लिए बधाइयां दी, साथियों इस पड़ाव तक पहुंचने के लिए 279 दिन का वक्त लगा।इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ के दक्षिण पूर्वी एशिया की क्षेत्रीय निदेशक ने भी कहा कि कोविड-19 रोधी टीकों की एक अरब खुराक लगाने पर भारत को बहुत-बहुत बधाई।ठीक उसी प्रकार गृहमंत्री, स्वास्थ्यमंत्री इत्यादि नेताओं ने भी इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए सारे देश को बधाई दी। साथियों बात अगर हम इस ऐतिहासिक अवसर पर गुरुवार दिनांक 21 अक्टूबर 2021 को देररात तक टीवी चैनलों पर चले डिबेट की करें तो इस ऐतिहासिक अवसर के संबंध में सकारात्मक और नकारात्मक सुर डिबेट में सुनाईदिए। साथियों मैंने स्वयं टीवी चैनलों पर डिबेट देखी,मुझे यह महसूस हुआ कि हमारे देश में एक ट्रेंड, एक प्रचलन सा चल पड़ा है कि, किसी भी गौरवमई अवसर या क्षण में से कुछ नकारात्मक पॉइंट निकालनी है, बाल की खाल निकालने कहीं ना कहीं से आलोचना की पॉइंट खींचने जैसी बातें स्वाभाविक रुप से होती ही है!!! क्योंकि कोई भी अपने प्रतिद्वंदी को प्रोत्साहन या सराहना प्रशस्त नहीं करेंगे हालांकि आज जो पक्ष में हैं, वह कुछ राज्यों में विपक्ष में है और जो विपक्ष में है, वह कुछ राज्यों में पक्ष में भी हैं!! स्वाभाविक है!! ऐसा होना ही है, साथियों बात अगर हम इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत में जश्न मनाने की करें तो पीआईबी केअनुसार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने कोविड-19 टीके की 100 करोड़ खुराक दिए जाने की ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए 100 स्मारकों को तिरंगे के रंग से जगमगाया। तिरंगे के रंगों में रोशन किए जा रहे 100 स्मारकों में यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल - दिल्ली में लाल किला, हुमायूं का मकबरा और कुतुबमीनार, उत्तर प्रदेश में आगरा का किला और फतेहपुर सीकरी,ओडिशा में कोणार्क मंदिर, तमिलनाडु में ममल्लापुरम रथ मंदिर,गोवा में सेंट फ्रांसिस ऑफअसीसी चर्च,मध्य प्रदेश में खजुराहो ,राजस्थान में चित्तौड़ और कुंभलगढ़ के किले, बिहार में प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष और गुजरात में धोलावीरा (हाल ही में विश्व विरासत का दर्जा दिया गया) शामिल हैं। भारत के कोविड-19 टीके की 100 करोड़ खुराक देने काऐतिहासिक मुकाम हासिल करने के उपलक्ष्य और महामारी का प्रभावी ढंग से निपटने और मानव जाति के लिये अपनी निस्वार्थ सेवाओं के माध्यम से देश की मदद करने के लिए अपने कर्तव्य से परे काम करने वाले कोरोना योद्धाओं, टीकाकरण कर्मियों, स्वच्छता कर्मचारी, पैरामेडिकल,सहायक कर्मचारी, पुलिस कर्मियों आदि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए 100 स्मारक 21 अक्टूबर, 2021 की रात को तिरंगे के रंगों में जगमगाते रहेंगे। टीकाकरण ने कोरोना के प्रसार को नियंत्रित करने और तीसरी लहर को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और कोविड-19 टीके की 100 करोड़ खुराक देने के बाद भारत चीन के साथ एक अरब खुराक देने वाला दुनिया में केवल दूसरा देश बन गया है। साथियों बात अगर हम भारत में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति की करें तो हालांकि केस आना अभी भी शुरू है, इसके परिणाम स्वरूप भारत में संक्रमण मुक्ति की दर 98.15 प्रतिशत हो गई है। संक्रमण मुक्ति की वर्तमान दर मार्च 2020 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर है। जबकि देशभर में परीक्षण क्षमता को बढ़ाया गया है, पिछले 118 दिनों से साप्ताहिक संक्रमण दर 1.34 प्रतिशत है, जो पिछले 118 दिनों की 3 प्रतिशत दर से नीचे है। दैनिक दैनिक संक्रमण दर 1.48 प्रतिशत है। पिछले 52 दिनों से दैनिक संक्रमण दर 3 प्रतिशत से नीचे और पिछले 135 दिनों से 5 प्रतिशत से नीचे बनी हुई है। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे के भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि टीकाकरण 100 करोड़ के पार 135 करोड़ भारतीयों ने विज्ञान, उद्यम और उनकी सामूहिक भावना की विजय ने विश्व को नए भारत की अपार सफलता से पुनः परिचित कराया है तथा भारत की गौरवमई एतिहासिकउपलब्धि पर विश्व हैरान है, इस महायज्ञ में योगदान देने वाले वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, नागरिकों, स्वास्थ्य कर्मियों को हम सैल्यूट करते हैं।


-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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