राजीव रंजन मिश्रा को जेल
भेजे जाने के विरोध में धरना
राज्यपाल को सौंपे गये ज्ञापन में संपूर्ण मामले की उच्च स्तरीय अथवा सीबीआई जाँच की माँग.
रांची 18 मई. रांची के विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक एवं गैर राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों में आज प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े राजीव रंजन मिश्रा की गिरफ्तारी एवं उन्हें जेल भेजे जाने के विरोध में लोक भवन के नजदीक आज पूर्वाहन 9 बजे से एकदिवसीय धरना दिया. इस धरना के दौरान वक्ताओं ने इस संपूर्ण मामले की उच्च स्तरीय अथवा सीबीआई जाँच की माँग की गयी और इस संदर्भ में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के नाम से ज्ञापन सौंपा गया. इस दौरान लगभग 400 लोग उपस्थित रहे.
धरने के दौरान राजीव रंजन मिश्रा की गिरफ्तारी एवं उन्हें जेल भेजे जाने के मामले पर रोष व्यक्त करते हुए विविध वक्ताओं ने कहा कि पिछले 45 साल में श्री मिश्रा ने समाज हित को सबसे ऊपर रखकर आमजन के लिये अपना जीवन समर्पित किया और विशेष रूप से सांप्रदायिक सद्भाव के लिये कार्य किया करते हुए आर्थिक संकटों के बीच उन्होंने अपना जीवन गुजारा है. इससे किसी को भी इस बात पर यकीन नहीं है कि वह इस तरह के अवांछित कार्यों में संलिप्त होंगे. वक्ताओं ने कहा की परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से ऐसा आभास होता है कि उन्हें साजिश के तहत फसाया गया क्योंकि किसी ने उन्हें अपनी मदद करने के लिये होटल नटराज में बुलाया और तब उन्हें एक कमरे में इंतजार करने को कहा गया. लेकिन उसी कमरे में वन्य जीवों से संबंधित अवांछित वस्तुएँ थी जो प्रतिबंधित है. उसी समय वन विभाग के अधिकारियों द्वारा मारे गये छापे में उनकी गिरफ्तारी हुई है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि असली दोषी अभी भी पकड़ से बहुत बाहर है. वक्ताओं ने कहा कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जाँच होगी तो सारी सच्चाई सामने निकल कर आ जायेगी.
धरने के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि इस संपूर्ण मामले की उच्च स्तरीय जाँच नहीं की जाती है अथवा सीबीआई जाँच की अनुशंसा नहीं की जाती है तो लोकतांत्रिक ढ़ंग से चरणबद्ध तरीके से आन्दोलन को आगे बढ़ाया जायेगा. धरना के पश्चात राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार को कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया.
आज के धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता एवं भाजपा नेता डॉ. प्रणव कुमार बब्बू ने की जबकि संचालन राजेश गुप्ता छोटू ने किया. धरना में मुख्य रूप से ललित ओझा, आलोक कुमार दुबे, संजय सहाय, राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, मौलेश सिंह, लंकश सिंह, प्रो. अरूण कुमार सिंह, दीपक ओझा, बिन्दुल वर्मा, मोजीब कुरैशी, धर्मेन्द्र तिवारी, राज किशोर, संजय सहाय, पवन दुबे, शंकर दुबे, मोहम्मद गुलाम मुस्तफा, जय सिंह यादव, अखिलेश राय, उत्तम दूबे, प्रकाश चन्द्र सिन्हा, सुनील शर्मा, सुभाष साहू, उपेन्द्र रजक, शंकर साहु, भोलू भाई, जे पी साहु, रमेश सिंह, राकेश सिंह, रंजीत चौरसिया, प्रेम चौधरी, राजीव राम, मो. ऐहतेशाम, ममता चौहान, विवेक, प्रमोद पाण्डेय, गुलाम गौस, फिरोज रिजवी मुन्ना सहित अन्य लोगों ने मुख्य रूप से अपने विचार व्यक्त किये.


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