डाॅ. एसी.सी.प्रसाद को रांची स्थित झारखण्ड कृषि व्यापार मेला में महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान मिलना झारखंड के लिए गर्व की

डाॅ. एसी.सी.प्रसाद को रांची 

स्थित झारखण्ड कृषि व्यापार मेला

 में महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान 

मिलना झारखंड के लिए गर्व की


पूरे झारखण्ड के लिये यह गर्व की बात है कि मेरे पिता स्व. डॉ. सतीश चन्द्र प्रसाद (डॉ.एस.सी. प्रसाद) सुपुत्र स्व. रुद्र प्रसाद, बाबू टोला, इचाक, हजारीबाग निवासी को राजधानी रांची में जारी तीन दिवसीय झारखण्ड कृषि व्यापार मेला में महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान मिला.

झारखण्ड कृषि व्यापार मेला में विश्व प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक और मेरे पिता डॉ. सतीश चन्द्र प्रसाद जी को महत्वपूर्ण स्थान देने के लिये बहुत-बहुत आभार. विशेष रूप से माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी, माननीय कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की जी और पूर्व मंत्री माननीय श्री बंधु तिर्की जी और अन्य सभी संबंधित महानुभावों / पदाधिकारियों का.

मेरे पापा डॉ. सतीश चन्द्र प्रसाद जी ने अपना संपूर्ण जीवन, कृषि अनुसंधान, विकास एवं बीज की नयी किस्मों की खोज के प्रति समर्पित कर दिया. विशेष रूप से उन्होंने धान (चावल) के मामले में वैसी 52 किस्मों की खोज की जो कहीं कम पानी अर्थात सिंचाई में कहीं अधिक उपज दे सकती है और वह न केवल झारखण्ड या भारत बल्कि, पूरी दुनिया के पठारी क्षेत्र में खेती के लिये बहुत अधिक उपयोगी है.

आज मैं बहुत अधिक भावुक हूँ. मुख्य मंच पर उनका चित्र लगाकर उन्हें प्रदत्त स्थान के लिये आभार. हजारों लोग आकर इस मेले को देख रहे हैं. यह सिर्फ इचाक गाँव का ही नहीं पूरे हजारीबाग जिले एवं पूरे झारखंड राज्य का सम्मान है. धन्यवाद उन सभी महानुभावों का जिन्होंने कृषि, पशुपालन, सहकारिता और संबंधित क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों विशेषकर, किसानों और कृषि वैज्ञानिकों एवं अनुसंधान कर्मियों को और अधिक समर्पण के साथ काम करने के लिये उत्प्रेरित करने के उद्देश्य से मेरे पापा की तस्वीर को मुख्य मंच में प्रमुखता दी. पापा के साथ स्व डॉ राफेल केरकेट्टा अंकल, स्व डॉ पी के सिन्हा अंकल एवं स्व डॉ आर बी प्रसाद अंकल जी को भी सदर नमन श्रद्धांजलि

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